कोविशिल्ड वैक्सीन के प्रथम व दूसरी डोज़ के मध्य 84 से 112 दिन का अंतराल। NTAGI

Gap between first & second doses of Covishield

कोरोना वैक्सीन की कमी के बीच टीकाकरण पर बनाई गई राष्ट्रीय तकनीकी सलाहाकर समूह (एनटीएजीआई) ने कई सिफारिशें की हैं. एनटीएजीआई का कहना है कि कोविशील्ड की दो खुराक के बीच के अंतर को बढ़ाकर 12-16 सप्ताह किया जाए और कोरोना पॉजिटिव हुए लोगों को रिकवरी के 6 महीने के बाद वैक्सीन लगाई जाए. इसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है|

अब कोविशील्ड वैक्सीन की दो खुराक के बीच गैप 6-8 हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया गया है. अभी तक कोविशील्ड वैक्सीन की दो खुराकों के बीच का अंतराल चार से आठ हफ्ते था|

उधर, विदेशों में भी दो डोज के बीच गैप को 12 से 16 हफ्ते तक बढ़ाया जा रहा है। यूके में कोविशील्ड की दो डोज के बीच 12 हफ्ते का अंतर रखने की सिफारिश की गई है जबकि कनाडा में 16 हफ्ते का वक्त तय किया गया है।

जानकारों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो वजहों से कोविशील्ड के दूसरे डोज की अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है। पहला तो यह है कि अब ज्‍यादा लोगों को पहली डोज जल्‍दी मिल सकेगी।  डोज की अवधि बढ़ाने से एक बड़ी आबादी को टीके लगाना आसान हो जाएगा। दूसरा यह है कि अलग अलग देशों में शोध से जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक अगर दूसरे डोज को 28 से 56 दिनों के बीच लगाया जाए तो असरकारी क्षमता में इजाफा हो जाता है। इसका अर्थ यह है कि  जिन लोगों को कोविशील्‍ड की पहली डोज मिल चुकी है, उनकी दूसरी डोज की टाइमिंग में बदलाव होगा। सेकेंड डोज की तारीख करीब आने से पहले आपको SMS भेजकर सूचना दी जाएगी। 

एनटीएजीआई ने यह भी सुझाव दिया है कि गर्भवती महिलाओं को किसी भी कोरोना वैक्सीन लेने का विकल्प दिया जा सकता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद किसी भी समय टीका लगाया जा सकता है. इसके साथ ही एनटीएजीआई ने यह भी कहा है कि संक्रमितों को रिकवरी के छह महीने बाद तक कोरोना टीकाकरण से बचना चाहिए|

विशेषज्ञों के मुताबिक वैक्सीन की पहली खुराक शरीर में वायरस को पहचानने और प्रतिरक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए है, जबकि दूसरी खुराक बूस्टर शॉट है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाता है। इसलिए दोनों काे लेना जरूरी है।

यूके, ब्राजील और साउथ अफ्रीका में 17 हजार से ज्यादा लोगों पर ट्रायल किया गया जिसमें पाया गया कि कोविशील्ड की दो डोज के बीच 6 हफ्ते के बजाय अगर 12 हफ्ते का अंतर रखा जाए तो वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी विकसित करने की उसकी क्षमता ज्यादा हो जाती है। आंकड़े बताते हैं कि जिन्होंने कोविशील्ड की दोनों डोज 6 हफ्तों के अंतर में ली उनमें 55% जबकि जिन्होंने 12 हफ्ते में ली उनमें यह 81% असरदायी साबित हुई। यहां तक कि कोविशील्ड की पहली डोज ही तीन से 12 हफ्ते तक 76% प्रभावी साबित हुई।

हालांकि covaxin के दोनो खुराक के बीच के अंतराल को 28 दिन ही रखा गया है।

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